किसी अजनबी से बात करनी हो, किसी को convinces करना हो, office में अपने बॉस को या सीनियर को convinces करना हो। सबसे important रोल प्ले करता है ‘कॉन्फिडेंस’ जब आप Market में जाते हो तो दो तरह के दुकानदार होते हैं। एक तो वो जिनकी दुकान में बहुत अच्छी अच्छी चीजे होती है, Price भी कम होती है लेकिन फिर भी सेल कम होती है, Profit कम होता है, पैसा नहीं कमा पाते और एक बगल में ही वो दुकान भी होती है जिसकी दुकान में उतनी अच्छी चीजें नहीं होती है जितनी उस पहली वाली दुकान में थी और इसकी थोड़ी रेट भी ज्यादा है। लेकिन वो ज्यादा आइटम बेच पा रहा है, ज्यादा Profit ले पा रहा है, ज्यादा पैसे कमा पा रहा है, उससे ज्यादा growth कर रहा है। क्यों? क्योंकि उसमें Self confidence है इसलिए आज हम आपको बताएगे
Self confidence kaise badhaye
Self-confidence kaise badhaye
confidence life-successful बनाने में सबसे बड़ा रोल प्ले करता है खुद को विश्वास दिलाना, आत्म विश्वास दिलाना की मैंये काम कर लूँगा 11 तारीख है 11 मेथड्स मैं आपको बताने वाला हूँ इस Article में जिससे आपको आने वाले कुछ दिनों में अपने confidence में ग्रोथ मिले गी।
- Confidence is not born and it can be developed as a muscle[आत्मविश्वास पैदा नहीं होता है और इसे एक मांसपेशी के रूप में विकसित किया जा सकता है।]
जब हम पैदा होते हैं तब कितने छोटे से होते है। हमारी मसल्स में ताकत नहीं होती, हमारे हमारा शरीर एकदम Soft होता है, नाजुक होता है, ना कुच मुटाव आता है, ना दौड़ पाते हैं, जैसे जैसे समय बीतता है हमारी बॉडी ग्रोथ करती हमारी मसल्स ग्रो करती है, उसके बाद जब 18, 20 साल के हो जाते हैं, हम हमें जिम जाने का शौक होता है, हमारी मसल्स कमजोर होती है, जब जिम जाते हैं, 24, 56 महीने तो हमारी बॉडी अलग ही दिखने लगती है।
Confidence ये वो चीज़ है जैसे आप हर मसल को ट्रेंड करते हो वैसे ही आपको
Confidence को भी ट्रेंड करना है
- हमेशा वो काम करे जिससे आपको डर लगता है
आप अपना डेली का एक कमिटमेंट बना लो। आज का दिन हो गया, आज की सुबह होगी। आज मुझे ये काम करना है। ये तो मेरे डेली रूटीन वाले काम है। इनके अलावा मुझे एक ऐसा काम करना है।जो मैंने आज तक नहीं किया जिसको करने में मुझे डर लगता है। चाहे किसी से बात करना हो, चाहे कहीं पे जाना हो, चाहे कही पे परफॉर्म करना हो, कुछ भी हो एक ऐसा काम करना है जो मुझे डराता है, जिसका डर मेरे अंदर है, जिसका डर मेरे अंदर बैठा हुआ है, जो मुझे बहार निकलने नहीं देता, जो मुझे दबा करके रखता है, उस डर से मुझे आज सामना करना है डर से जीतने का सबसे।अच्छा तरीका यही है की उस डर का सामना किया जाए।
Confidence बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका है ये की जीस चीज़ से आपको डर लग रहा है जो चीज़ आप का
Confidence डाउन कर रही है उसका सामना किया जाए।
- शुरुआती 20 सेकंड के लिए आप हिम्मत जुटाइए
अगर आप किसी से बात करना चाह रहे हो, किसी को convince करना चाह रहे हो तो मान लीजिये आपको किसी ऐसे बंदे से बात करनी है जो आप से ऊपर है, आपसे उम्र में ज्यादा है, उसका लेवल आपसे ज्यादा है या आपको उससे बात करने में शर्म आ रही है या आप अपनी बात रख नहीं पा रहे हो, आपको शर्म आ रही है। केवल शुरुआती 20 मिनट के लिए हिम्मत जुटाव अप्रोच करना है। आपको जा कर केवल 20 मिनट आप अपने मन में सोच के जाओ की केवल मुझे 20 सेकंड, केवल 20 सेकंड मुझे उस बंदे से बात करनी है, बस चाहे वो मना करे, चाहे वो मुझे लड़े मारे बेटे जो कुछ भी करे, जो मेरा Point है, मैं उसको 20 सेकंड तक एट लिस्ट मैं उसके लिए 20 सेकंड तक बात करूँगा। ये जो 20 सेकंड मैं क्यों बोल रहा हूँ? आप underconfidence तब तक ही होते हो जब तक आप थोड़ी सी सामने वाले से बात नहीं करो, आप कुछ ना कुछ बात करोगे उसके पास में जाके वो कुछ बोले गा आप कुछ बोलो गे, थोड़ी देर में आप आपस में बात करने लग जाओगे।
अगर आप कोई गलती नहीं कर रहे हो, मतलब आप कुछ कर ही नहीं रहे हो, कुछ करोगे तो गलती होगी।कौन सी बड़ी बात है किस्से नहीं होती गलती अब मशीनें थोड़े मशीनें भी कभी कभी खराब होती है। हम तो इंसान है इंसान तो कदम कदम पर गलती करता है। कई गलतियाँ करते हैं हर रोज़ क्या होता है गलतियाँ करते इससे its just a part of life गलतियाँ करने से मत डरो। कहने का मतलब है कि कुछ नया ट्राई करने से मत डरो। इसका मतलब ये नहीं की आप जानबूझकर गलती करते जाओ, आप नया ट्री करो। अब उसमें गलतियाँ हो गई मिस्टेक्स होगी होने दो आपका नया काम करना एक रूटीन है, उस तरह से गलतियाँ आपके द्वारा होना भी एक रूटीन है।
गलतियाँ होगी, उसके बाद क्या होगा? गलतियों से सीखोगे? दुबारा नहीं करोगे , गलती दोबारा नहीं करोगे आगे बढ़ोगे अगली बार अगली new गलती आएगी। कोई दिक्कत नहीं, उसका भी टाइम दोगे उसको। इससे आपका self-confidence बढ़ेगा।
- थोड़ा और सोशल होने की कोशिश कीजिये
कहीं पे शादी है कुछ फंक्शन वगैरह वहाँ पे जाईये अटेंड कीजिए, बात नहीं कर पा रहे है कोई बात नहीं जाइए वहाँ पे। देखिये लोगों को क्या कर रहे हैं क्या नहीं कर रहे है बहार थोड़ा घूमने में इंटरेस्ट रखिये, ऐसा नहीं है रूम में बंद होकर पड़े हुए हो , आसपास कोई मंदिर है, वहाँ जाइए, पार्क है, वहाँ जाइए मार्केट है वहाँ पे जाइए तो shoping कीजिये कुछ नहीं करना, कोई बात नहीं घूमते रहो लोगों को देखते रहो कर क्या रहा है देखो चल क्या रहा है उनकी लाइफ में, आपके घर पे कोई आ रहा है, कोई गेस्ट आ रहा है उससे बात करने की कोशिश करो
, कॉन्फिडेन्स धीरे धीरे ग्रो होगा
- अजनबियों से दो मिनिट बात करने का चैलेंज कीजिये
अगर आप कही बस में Travel कर रहे हैं आप के बगल में कोई बैठे हुए हैं अंकल बैठे हुए हैं भाई बैठा हो कोई भी बैठा हुआ है अजनबी जो आपसे पहली बार टकराया जस्ट कुछ देर के लिए बस उससे आप केवल 2 मिनट बात कीजिये, हाँ भाई कहाँ जा रहे हैं वहाँ पे जाओ अच्छा ये बस वही पे जाएगी अच्छा ठीक आज तो बहुत गर्मी है। हाँ यार, इस बार तो बारिश ही नहीं है। आज अच्छा वहाँ पढ़ते हो अच्छा ठीक है, मैंने भी वहाँ से पढ़ाई करी केवल दो मिनिट 120 सेकंड से रूल बना लो। जब भी कोई अजनबी मिले आप उस से 2 मिनट बात करोगे, रोज़ कम से कम एक अजनबी से 2 मिनट बात करोगे जा रहे हो कहीं पे बस में जाना होता है। ट्रैवल करना होता है। ट्रेन में जाना होता ना केवल दो मिनिट किसी एक अजनबी से बात करना है।आपका Confidence अपने आप बढ़ेगा।
आपको तरीका आएगा की कैसे अप्रोच करना है, लोगों को कैसे लोगों से थोड़ा अलग होना है। इससे आपका Confidence बढ़ेगा
जब तक आपका शरीर फिट नहीं है जब तक आपके शरीर में जान नहीं है एकदम मुरझाए हुए ऐसे हो कहा से Confidence आएगा अपने आपको फिट रखोगे तो आपके अंदर अपने आप Confidence आएगा। आपके मन से ये बात निकल जाएगी यार मैं अच्छा नहीं हूँ। देखिये शरीर जो है ना शरीर और जो चेहरा ये तो ऊपर वाले ने आपको दे दिया जो देना था। चेहरा तो आपको बदलने वाला कभी है नहीं, लेकिन शरीर पर आप काम कर सकते हो। जब आपकी फिटनेस चेंज होगी। आप बेहतर देखोगे जब आपके शरीर में जान होगी तो अपने आप Confidence आएगा।
अपने अंदर ऐसी कुछ हॉब्बीज़ डालिये या अपनी हॉबीज को पहचानिये जिनके बारे में आप तब बात कर सको किसी से जब आप उससे मिलते हो। कुछ ऐसी हॉबीज रखो हर किसी की हॉबीज होती है, फर्क है की कोई कर लेता है, कोई कर नहीं पाता। मुझे गाने का अगर शौक है तो मैं अपनी उस हॉबी को डेवेलप करूँगा। मुझे अगर डांस का शौक है तो मैं नाचना सीखूंगा। जिम जाने का शौक तो मैं अपनी फिटनेस पे जाउंगी एटलिस्ट अपने अंदर कोई हॉबी होनी चाहिए। मुझे लिखने का अगर शौक है तो मैं अपनी उस है बॉबी को डेवेलोप करूँ।अगर आपके पास में कोई हॉबी होगी, कोई ऐसा आपका शौक होगा तो आप उसके बारे में आप तब उस सामने वाले से बात कर सकते हो
जब एक बार आप गोल बना लेंगे वहाँ तक पहुँचेंगे, पहुँचने की कोशिश करेंगे। जरूरी नहीं कि वहाँ तक पहुँचे।जहाँ तक भी आप पहुँचेंगे लोग आपको जानेगे आप को अप्रोच करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों को लोग आप को अप्रोच करेंगे। आपको कॉन्फिडेन्स अपने आप बढ़ेगा मेहनत कीजिये अगर आप अपने लक्ष्यों के पीछे भागोगे तो लोग आपके पीछे भागेगे
- कोई भी काम किसी को इंप्रेस करने के लिए मत कीजिये
कोई भी काम किसी को इंप्रेस करने के लिए मत कीजिये, नहीं तो क्या होगा? आप प्रेशर में आ जाओगे की यार मैं उसको इम्प्रेस कर पाऊंगा की नहीं कर पाऊंगा?
Conclusion
बुरे वक्त में क्या काम आता है, हौसला ,हौसला कैसे बनता है, मैंने अपनी जिंदगी में क्या काम किया है? क्या अच्छा है मेरे पास? बुराइयाँ तो सब में होती है, मुझे पता है मेरे में क्या बुराइ है। मुझे ये भी पता होना चाहिए क्या अच्छाइयां हैं, अच्छाइयां अगर मेरे को पता होगी मेरी , तो मेरा एक तो बुराइयों की तरफ कम ध्यान जाएगा। आशा है आपको यह कॉन्फिडेंस बढ़ाने बाले पोईं समज आय होंगे कोई सवाल है तो comment करे
0 Comments