Amir Kaise bane - जल्दी अमीर बनने के लिए क्या करना चाहिए

आज हम आपको amir kaise bane इसके बारे में बताने वाले हैं आज सब सोचते हैं करोड़ों रुपए कमाने के लिए क्या करे, दोस्तो हर इन्सान चाहता हैं की वो पैसे वाला बने व उसके पास करोड़ों रुपये हो इसके लिये लोग दिन रात मेहनत करते हैं फिर भी वो पैसे वाले नही बन पाते और कई लोग कम मेहनत से भी karodpati बन जाते हैं। ये सब उसकी बुद्धिमानी पर निर्भर करता हैं की वो किस तरह से पैसे कमाते है.

Amir Kaise bane

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आपको‌ आज ऐसे तरीके बतायेगे जिससे आप कम‌ मेहनत मे अधिक पैसे कमा सकते हैं। इससे आपका समय भी बचता हैं और आपको अधिक मेहनत भी नही करनी पडेगी ये तरीके खास कर के व्यापारी द्वारा अपनाये जाने वाले तरीके हैं इससे आपको कुछ ही समय मे फायदा जरुर महसूस होगा और आपको लगेगा की आप सच मे धनवान बनने लग गये हैं व इसके‌ लिए आपको धैर्य की बहुत अधिक आवश्यकता है। क्युँकि एक दिन मे‌ कोई करोड़पति नही बनता इसके लिए समय और मेहनत दोनो लगते हैं.


अगर आप वास्तब म अमीर बनना चाहते है तो आपको अमीर और गरीब की सोच म फर्क जानना पड़ेगा निचे लिखे गए आर्टिकल और ड़याँ से पड़े.


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सबसे पहली बात है। हम सब अपने एक्सपिरियंस से सीखते हैं। रिज़ल्ट किताब में रॉबर्ट कैसे बताते हैं कि कैसे उन्होंने पहली बार अपने दोस्त के डैड के साथ काम करना शुरू किया। बुक में रॉबर्ट अपने डैड को पुअर डैड कह कर बुलाते हैं। वो उन्हें हमेशा स्कूल में अच्छे नंबर लाने के लिए कहते थे ताकि डिग्री मिलने के बाद उन्हें बेनिफिटस वाले कोईकेवल नौकरी मिल सके। लेकिन रॉबर्ट के दोस्त के डैड, जिन्हें वो किताब में रिच डैड कह कर बुलाते हैं, उन्हें सलाह देते हैं की अगर वो ये समझ जाए कि पैसा असल में किस तरह से काम करता है तो वो कभी भी पैसों के लिए परेशान नहीं रहेंगे। शुरू में रॉबर्ट ने ज़ेरॉक्स कंपनी के लिए काम किया था क्योंकि उन्हें लगता था की वो थोड़ा शर्मीले नेचर के और उस समय ज़ेरॉक्स कंपनी अच्छे से लिंक प्रोग्राम्स के लिए काफी फेमस थी।रॉबर्ट जानते थे कि कामयाब होने के लिए चीजों को बेचने की कला सीखना आना बहुत जरूरी है। इस तरह प्रैक्टिकल लर्निंग की मदद से वो जल्द ही कंपनी के सबसे अच्छे सेल्स पीपल में से एक बन गए और उस नौकरी से जरूरी एक्सपिरियंस पा लेने के बाद उन्होंने उस नौकरी को छोड़ दिया। यहाँ पर हमारे लिए लेसन ये है की सिर्फ कॉलेज की डिग्री लेना काफी नहीं है। कामयाब होने के लिए आपको बोल्ड बंद कर सीधा फील्ड में उतरना होगा।और वहाँ से चीजें सीखना पड़ेगी। जिंदगी में सबसे ज्यादा कामयाब स्मार्ट लोग नहीं होते बल्कि बोल्ड लोग होते है। 

नंबर 2 
 आप सबसे पहले खुद को पे करो। यह बात सबसे पहले द रिचेस्ट मैन किताब में लिखी गई थी और रॉबर्ट के इस बात को अपनी जिंदगी का एक बहुत ही जरूरी फाइनैंशल रूल बना लिया। रॉबर्ट बताते हैं कि ज्यादातर लोग अपनी सैलरी मिलने से पहले ही उसे पूरी तरह खर्च करने के रास्ते ढूंढ लेते और फिर भी ज्यादातर समयखर्चे पूरे ही नहीं हो पाते। इन सबके बीच में सेविंग तो बहुत दूर की बात है इसलिए जब भी आपको अपनी सैलरी मिलती है तो आप हमेशा उसका 10% अपने पास अलग रख लो। इस 10% का आप सेल्फ पेमेंट की तरह समझो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप इन पैसों को अपनी मर्जी से कहीं भी उड़ा दो। इसकी वजह से आपको इन पैसों को हमेशा किसी ऐसेट या इन्वेस्टमेंट में लगाना चाहिए जो बाद में आप के लिए पैसे भी इनकम का काम करेगा।पैसा कमाने का मकसद सिर्फ उसे खर्च करना नहीं है, बल्कि फाइनैंशली इंडिपेंडेंट बनना होना चाहिए। अगर आप फाइनैंशली इन्डिपेन्डेन्ट बनना चाहते हो तो आपको सबसे पहले खुद को पे करने की आदत बनानी पड़ेगी। 

नंबर 3
आप किसी भी चीज़ के बारे में ये मत सोचो की आप उसे नहीं पा सकते हो बल्कि खुद से सवाल पूछें कि आप उसे कैसे पा सकते हो? बचपन में रॉबर्ट के पुअर डैड उन्हें अक्सर ये कहते थे की हम ये नहीं खरीद सकते हैं, हम वो नहीं खरीद सकते।लेकिन उनके रेजिडेंट ने उन्हें सिखाया कि हमें कभी भी ये नहीं कहना चाहिए की हम ये नहीं खरीद सकते हैं, वो नहीं खरीद सकते। इसके बदले उन्हें खुद से ये पूछना चाहिए कि वो इस चीज़ को कैसे खरीद सकते हैं? डैड ने यह बात इसलिए कही थी क्योंकि जब आप भी खुद से कहते हो की आप कोई चीज़ नहीं पा सकते हो तो आपका दिमाग पूरी तरह से इस बात को मान लेता है और उस चीज़ को पाने के बारे में सोचना बंद कर देता है। लेकिन जब आप खुद से पूछते हो कि आप किसी भी चीज़ को कैसे पा सकते हो तो आपका दिमागइस चीज़ को पाने के नए रास्ते ढूंढने लगता है। इस तरह के सवाल आपके दिमाग को जवाब ढूंढने के लिए मजबूर करते हैं।

 नंबर 4
फाइनैंशल इन्टेलिजेन्स सीखना बहुत जरूरी है, चाहे आपके पास कितने भी पैसे हो। अगर आपके पास फाइनैंशल इन्टेलिजेन्स नहीं है तो आपके सारे पैसे बहुत ही जल्दी खत्म हो जाएंगे। जैसा कि अक्सर लॉटरी और केबीसी जीतने वालों के साथ होता है। कई लोगों को लगता है कि अमीर बनने के लिए सिर्फ बहुत सारे पैसे कमाने की जरूरत होती है।पर ये बात सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए सच है जिनके पास फाइनैंशल इन्टेलिजन्स होती है। जिन लोगों के पास फाइनैंशल इंटेलिजेंस की कमी होती है वो चाहे कितने भी पैसे कमा ले, हमेशा गरीब ही रहते है। 

आपको केबीसी और लॉटरी में करोड़ों रुपये जीतने वाले कई लोगों के एग्जाम्पल मिल जाएंगे, जो वापस गरीब हो गए। अगर आप अमीर बनना चाहते हो।तो उसके लिए आपको फाइनैंशली इन्टेलिजेन्स बनने की जरूरत है। फाइनैंशल इन्टेलिजेन्स पैसों के काम करने के तरीकों को समझने से आती है। कई सारे लोग फाइनैंसिंग के बारे में कुछ नहीं जानते। उन्हें ये भी नहीं पता होता कि उनसे कितने पैसे टैक्स के रूप में लिए जा रहे हैं या उनका नेटवर्क कितना है। कई सारे पढ़े लिखे लोग फाइनैंशल लिटरेसी की कमी की वजह से अब भी रेड ड्रेस में फंसे हुए हैं।रॉबर्ट का मानना है कि लोगों में फाइनैंशल लिटरेसी की कमी की सबसे बड़ी वजह है मौजूदा एजुकेशन सिस्टम वैसा इसलिए कहते हैं क्योंकि स्कूलों में कभी भी फाइनैंशल एजुकेशन नहीं दी जाती। स्कूल लोगों को प्रोफेशनल नॉलेज देता है पर ये कभी होने अपना फाइनेन्स हैंडल करना नहीं सीखाता अगर आप फाइनैंशली इन्डिपेन्डेन्ट बनना चाहते हो तो इसके लिए आपको अपने अंदर फाइनैंशल इन्टेलिजेन्स डेवलप करने की जरूरत है।और रॉबर्ट ये बुक रेजिडेंट और ये पूरी Article फाइनैंशल इन्टेलिजन्स के बारे में यह और अगले छे पॉइंट्स बहुत इम्पोर्टेन्ट है तो End तक जरूर Padna नंबर फाइव है।

 लाइबिलिटी की जगह ऐसेट खरीदो, रॉबर्ट लाइबिलिटी और ऐसेट के बीच का डिफरेन्स बहुत ही आसान शब्दों में बता दे। कोई भी चीज़ जो आपके जेब से पैसे निकलवाए वो लाइबिलिटी है और वो चीज़डाले वो ऐसेट है और आगे बताते हैं कि कई सारे लोग फाइनैंशल नॉलेज की कमी की वजह से ऐसेट की जगह लाइबिलिटी खरीदते रहते हैं। ये लोग महंगे मोबाइल टीवी, बड़े घर और गाड़ियां लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट समझकर खरीदते हैं। भले ही ये चीज़ उनके नेटवर्क से जुड़ जाएं लेकिन ये ऐसेट्स नहीं है क्योंकि यह उनके जेब से पैसे निकलवा आती है ना की उसमें पैसे डालती है। यहाँ पर बात घर की भी हो रही है।रॉबर्ट कहते है की अगर आपका घर आपके जेब में पैसे नहीं डाल रहा है तो वह एक लाइबिलिटी है, ऐसेट नहीं है लेकिन अगर आपके घर से आपको रेन्ट आ रहा है तो वो घर आपकी ऐसेट है। इसके अलावा ये जो लाइबिलिटीज हम खरीदते हैं, टाइम के साथ इनकी वैल्यू भी घटती रहती है। 

अमीर आदमी हमेशा अपने पैसों का असली ऐसेट्स में इन्वेस्ट करते हैं जैसे कोई इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी, बिज़नेसरियल एस्टेट स्टॉक्स, बॉन्ड एक्स्ट्रा आम आदमी गरीब आदमी हमेशा अपने पैसों को लाइबिलिटीज खरीदने में खर्च कर देता है। अगर आप फाइनैंशली इंडिपेंडेंट बनना चाहते हो तो आपको अपनी लाइबिलिटीज कम करनी चाहिए और ऐसेट्स को बढ़ाना चाहिए। नंबर सिक्स से जो पैसे आपने एक बार ऐसेट्स में इन्वेस्ट कर दिए, उन्हें आप कभी भी निकाल कर खर्च मत करिए। आप उस ओनर के बारे में क्या सोचेंगे, जो अपने उन एंप्लाइजनिकाल देता है, जो उसके लिए लगातार मेहनत करते हैं और उसको काफी प्रॉफिट भी कमा कर देते है। 

आपके ऐसेट्स इन्हीं एंप्लॉयीज की तरह होते हैं। जब आप किसी ऐसेट में इन्वेस्ट करते हो तो आपके पैसे लगातार बिना रुके बिना सोए आपके लिए काम करते हैं। वो और ज्यादा पैसा कमाकर आपको देते है। इसलिए रॉबर्ट कहते हैं कि आप अपने ऐसेट्स से पैसे तभी निकालो, जब आप उन पैसों का कुछ और बेहतर इस्तेमाल कर सकते हो।रॉबर्ट ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि जब आप अपने ऐसेट्स कोबे हो जाए लिक्विडेट करते हो तो आपके पैसे जल्दी गायब हो जाते हैं और आप ज्यादा पैसा कमाने की अपॉर्चुनिटी गंवा देते हो। इसलिए एक बार ऐसेट्स में इन्वेस्ट कर देने के बाद आपको उसमें से पैसे नहीं निकालने चाहिए। ऐसे इसमें से पैसे निकालने की बजाय आपको ये सोचना चाहिए की आप कैसे इसमें और ज्यादा पैसे इन्वेस्ट कर सकते हो जिससे आप अपने इन्वेस्टमेंट से और ज्यादा पैसे कमा पाओ।नमस्ते वन है माइंड योर बिज़नेस रॉबर्ट के पढ़े लिखे गरीब डैड हार्ड वर्क मैं बिलीव करते थे, वो हमेशा और रॉबर्ट के स्कूल जाकर मेहनत करने और अच्छे नंबर लाने के लिए कहते थे ताकि उन्हें आसानी से कोई स्टेबल नौकरी मिल सके।पुअर डैड उन्हें कहते थे कि कंपनियां उन एंप्लॉयीज को पसंद नहीं करती जो हर साल अपनी नौकरी बदलते रहते हैं और जो एम्प्लॉईज कंपनी के लिए वफादार होते हैं, उन्हें वो इनाम देती है। पर रॉबर्ट के रिच डैड ने उन्हें सलाह दी कि अपनी खुद की सीडी लगाना दूसरों की सीढ़ी पर चढ़ने से ज्यादा अच्छा है। हमें अपने खुद के काम पर ध्यान देना चाहिए। 

अपने खुद के काम पर ध्यान देने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी नौकरी छोड़ देना चाहिए।इसका मतलब सिर्फ ये है की अगर आप दूसरों के लिए काम कर रहे हो तो आपको उस काम से वो सारी जरूरी बातें सीखनी चाहिए जो आपको खुद का काम को बनाने में और बढ़ाने में मदद कर सकती है। ना बररेट है हमारे पैसों के मामले में सक्सेस इस बात पर डिपेंड करती है कि हम अपने डर को कितने अच्छे से संभाल सकते हैं। अमीर और गरीब लोगों के बीच एक बड़ा डिफरेन्स उनके डर को संभालने के तरीके से जुड़ा है।आपको याद होगा कि कैसे बचपन में साइकल चलाना सीखते समय आप कई बार नीचे गिरे थे। 

अभी भी कई सारे अडल्ट्स को साइकिल चलानी नहीं आती और ऐसा इसलिए नहीं है कि उन्हें कभी साइकल चलाना सीखने का मौका नहीं मिला बल्कि उन्होंने साइकिल चलाना सीखा ही नहीं क्योंकि वो गिरने से डरते थे। बहुत से लोग इसी तरह कई सारी जरूरी है। ऑपोर्चुनिटी गंवा देते हैं क्योंकि उन्हें रिस्क लेने से बहुत ज्यादा डर लगता है।पर सच यह है कि कोई भी बिना रिस्क के लिए कामयाब नहीं होता। रॉबर्ट बताते हैं कि कैसे रेजिडेंट हमेशा यह सोचते थे की हार उन्हें और ज्यादा मजबूत और पहले से ज़्यादा समझदार बना देती है। वो जिंदगी को एक साहसी आदमी की तरह जीते थे और हर हार के बाद उनके जीतने की चाहत और ज्यादा बढ़ जाती थी। 

आमतौर पर आप हमेशा जीतने से पहले हारते हैं और फिर ये आप पर निर्भर करता है कि आप डर की वजह से खुद को फाइनैंशल इन्डिपेन्डेन्ट बनाने से रोक देते हो।या उस डर को हराकर जिंदगी में जीत जाते हो। नमन नाइन है आर्ट ऑफ सैलिंग सीखिये इस किताब में रॉबर्ट एक जर्नलिस्ट से बात करते हैं, जिसके पास इंग्लिश लिटरेचर में मास्टर्स की डिग्री होती है। रॉबर्ट बताते हैं कि जब उन्होंने जर्नलिस्ट को सेलिंग सीखने के बारे में सलाह दी तो वो शर्मिंदा हो गयी थी। रॉबर्ट मानते हैं कि वो एक बेस्ट सेलिंग ऑथर इसलिए है क्योंकि उन्हें चीजों को बेचना आता है ना की इसलिए क्योंकि वो बेस्टहै। अगर आपको चीजें भेजना नहीं आती है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने स्किल्ड हैं। आप हमेशा गरीब ही रहोगे। 

अगर आप अमीर बनना चाहते हो तो चीजों को बेचने की कला सीखना बहुत जरूरी है। आज कल के सारे प्रोफेशनल और ऑन्ट्रप्रनर सिर्फ अपने फील्ड में ही सबसे ज्यादा अच्छे नहीं है, बल्कि उन सबने बेचने की कला को भी सीखा है। आपको अपने कंफर्ट ज़ोन से निकलकर सेलिंग और नेटवर्किंग सीखनी होगी।की आप अपना खुद का कोई बिज़नेस कर पाओगे। नंबर 10 है। आप खुद से ज़्यादा समझदार लोगों को काम पर रखो और उन्हें उनके काम के लिए अच्छे पैसे दो।इस किताब में रॉबर्ट बताते हैं कि एक अच्छा एंटरटेनर खुद से ज़्यादा समझदार लोगों को काम पर रखता है। लोग सबसे बड़े ऐसेट होते है। बहुत ही कम बिज़नेस मैन इस बात को समझते हैं कि एक्सपिरियंस और एक खुश एम्प्लॉई उनके लिए पैसों से भी ज्यादा बड़ा ऐसेट है। अगर आप एक सक्सेसफुल अंदर अंदर बनना चाहते हो तो आपका अच्छे ब्रोकर और अच्छे एम्प्लॉई को हाइअर करना चाहिए। उन्हें अच्छी सैलरी देना चाहिए। कई सारे लोग खुशी खुशी वेटर से सिक्योरिटी गार्ड को टिप दे देते हैं।ऊपर जब उनके खुद के एंप्लॉयीज सैलरी बढ़ाने की मांग करते हैं तो वो बेहद गुस्सा हो जाते हैं। 

रॉबर्ट कहते है की एक एंप्लॉयर को एंप्लॉयी की सैलरी उनके बढ़ाने की मांग करने से पहले ही बढ़ा देनी चाहिए। जब आप ऐसा करते हो तो आपके एम्पलॉईस काम के लिए काफी मोटिवेट हो जाते हैं और अपने काम को और लगन से और मेहनत से करते हैं। इस तरह से वो आपके लिए और ज्यादा पैसा कमाते हैं।
                                           
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